Chhattisgarh : अबूझमाड़ में माओवाद पर बड़ी चोट, काकुर में खुला नया सुरक्षा एवं जनसुविधा कैंप

 

नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में “माड़ बचाव अभियान” के तहत पुलिस ने एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। थाना सोनपुर क्षेत्र के ग्राम काकुर में आज नवीन सुरक्षा एवं जनसुविधा पुलिस कैंप स्थापित किया गया।

नारायणपुर पुलिस, डीआरजी और BSF 86वीं बटालियन के संयुक्त प्रयास से शुरू किए गए इस कैंप को क्षेत्र में बढ़ते विकास कार्यों को सुरक्षा प्रदान करने और नक्सलियों के प्रभाव को समाप्त करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

 

कभी नक्सल लीडरों का गढ़ रहे काकुर जंगल में अब सुरक्षा बलों की तैनाती होगी। पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में 20 से अधिक माओवादी एनकाउंटर में ढेर हुए हैं, जिससे अब यहां शांति का माहौल बनना शुरू हुआ है।

 

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में नारायणपुर पुलिस लगातार “माड़ बचाओ अभियान” चलाते हुए अबूझमाड़ में नए कैंप खोल रही है ताकि सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा, स्वास्थ्य और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाएं अंदरूनी गांवों तक पहुंच सकें।

 

काकुर में खुले इस कैंप से नेलगुंडा, ओडेटोला, मीन्वाडा, तेकमेता, मुस्परसी और काकुर समेत आसपास के गाँवों में विकास तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को अपने गाँव में देखकर सुरक्षा और विश्वास जताया है।

 

इस वर्ष नारायणपुर पुलिस ने कुतुल सहित कोडलियर, बेडमाकोटी, पदमकोट, कुड़मेल, कोंगे, सितरम, जाटलूर, धोबे, डोडीमरका, पदमेटा और परियादी जैसे नक्सली प्रभावित इलाकों में भी नए कैंप स्थापित किए हैं।

 

इस अभियान में IG बस्तर रेंज पी. सुन्दराज, DIG अमित कांबले, SP नारायणपुर रोबिनसन गुरिया, BSF कमांडेंट कमल शर्मा, अनिल रावत, CAF सेनानी संदीप पटेल, तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स और BSF की टीमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

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