
मुलेठी का परिचय (Introduction)
मुलेठी एक आयुर्वेदिक औषधीय जड़ी-बूटी है, जिसे अंग्रेज़ी में Licorice कहते हैं। इसका स्वाद मीठा होता है और इसकी जड़ का उपयोग दवा बनाने में किया जाता है। मुलेठी का उपयोग हजारों सालों से श्वास, खांसी, पाचन, त्वचा और गले की समस्याओं में किया जा रहा है।
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🌿 मुलेठी के गुण (Properties)
स्वाद: मधुर (मीठा)
स्वभाव: ठंडा (Cooling)
मुख्य गुण:
सूजन कम करना
बलगम निकालना
एंटी-इंफ्लेमेटरी
एंटीवायरल
एंटीऑक्सीडेंट
गले को कोमल बनाना
पाचन में सहायक
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🌿 मुलेठी के उपयोग (Uses)
खांसी, जुकाम, गले में दर्द
सूखी खांसी, कफ जमना
गैस, एसिडिटी, अपच
हड्डियों और जोड़ों का दर्द
त्वचा को चमकदार बनाने के लिए
मुंह के छाले
आवाज साफ करने के लिए
तनाव और थकान कम करने में (हल्का Adaptogen)
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🌿 मुलेठी के फायदे (Benefits)
✔ 1. गले के लिए फायदेमंद
गले की खराश, सूखी खांसी और आवाज बैठना—सबमें बहुत असरदार।
✔ 2. कफ और खांसी में राहत
कफ को ढीला करता है और सांस को साफ करता है।
✔ 3. पेट की समस्याओं में लाभ
गैस, एसिडिटी, अल्सर और पाचन कमजोर हो तो बहुत उपयोगी।
✔ 4. त्वचा को निखारता है
रंगत में सुधार, दाग-धब्बे कम, त्वचा की सूजन घटाता है।
✔ 5. प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है
इम्युनिटी मजबूत करता है और संक्रमण के प्रति शरीर को सक्षम बनाता है।
✔ 6. हार्मोन संतुलन में सहायक
महिलाओं के लिए थोड़ा लाभकारी—PCOS/थायराइड में सीमित उपयोग किया जाता है (डॉक्टर की सलाह से)।
✔ 7. तनाव और थकान में राहत
ऊर्जा बढ़ाता है, दिमाग को शांत करता है।
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🌿 मुलेठी कैसे लें? (Dosage & How to Use)
1. पाउडर:
1–2 ग्राम दिन में दो बार
गुनगुने पानी/शहद के साथ
2. मुलेठी की डंडी चबाकर:
गले और आवाज के लिए लाभकारी
3. काढ़ा:
खांसी और कफ के लिए
4. स्किन पैक:
मुलेठी + मुल्तानी मिट्टी + गुलाब जल
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🌿 मुलेठी के नुकसान (Side Effects / Harm)
अत्यधिक या गलत उपयोग से नुकसान हो सकता है:
❌ 1. ब्लड प्रेशर बढ़ाता है
BP वाले मरीज डॉक्टर की सलाह के बिना न लें।
❌ 2. कैल्शियम और पोटैशियम कम कर सकता है
ज्यादा मात्रा में लेने से कमजोरी, चक्कर आना, पैरों में दर्द हो सकता है।
❌ 3. गर्भवती महिलाएँ न लें
यह हार्मोन पर प्रभाव डाल सकता है।
❌ 4. बहुत अधिक उपयोग से सूजन हो सकती है
चेहरे/शरीर में पानी रुक सकता है।
❌ 5. हार्मोन असंतुलन की समस्या
ज्यादा सेवन महिलाओं में हार्मोन बदल सकता है।
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🌿 किन लोगों को बिल्कुल नहीं लेना चाहिए?
हाई BP रोगी
प्रेग्नेंट महिलाएं
दिल के मरीज
किडनी समस्या वाले
बहुत अधिक तनाव या हार्मोन दवाएँ लेने वाले