
संवाददाता – सीमा कोमरे
SECL अमेरा खदान में फिर बवाल: जमीन, मुआवज़ा और कोयला चोरी के विवाद ने अंबिकापुर को बनाया हॉटस्पॉट
SECL के अमेरा ओपन कास्ट खदान विस्तार को लेकर सरगुजा जिले में मंगलवार और बुधवार लगातार तनाव की स्थिति बनी रही। जमीन अधिग्रहण, मुआवज़ा और नौकरी के पुराने वादों को लेकर ग्रामीणों ने खदान विस्तार का जोरदार विरोध किया, जिसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक टकराव हो गया।
हिंसा में कई घायल, पुलिस की बड़ी तैनाती
सुबह शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते भारी पत्थरबाज़ी में बदल गया। इसमें 40 से अधिक पुलिस जवान और 15–20 ग्रामीण घायल हो गए। स्थिति बिगड़ती देख जिला प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल बुलाकर इलाके को अपने कब्जे में ले लिया।
दोपहर में एक स्कूली छात्रा की गिरफ्तारी के बाद हालात और बिगड़ गए। ग्रामीणों के आक्रोश के चलते पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
ग्रामीण बोले—वादे पूरे करो, तब खदान विस्तार होगा
ग्रामीणों का कहना है कि SECL ने 20 साल पहले—उचित मुआवज़ा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी
देने का वादा किया था, लेकिन अब इन वादों को पूरा नहीं किया जा रहा। इसी वजह से गांवों में भारी नाराज़गी है।
SECL का पक्ष—“स्थानीय तत्व माहौल बिगाड़ रहे हैं”
SECL अधिकारियों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण पूरी तरह वैध है और कंपनी विस्तार को लेकर कानूनी अधिकार रखती है। उनका आरोप है कि कुछ लोग निजी फायदे के लिए ग्रामीणों को भड़का रहे हैं।
कोयला चोरी नेटवर्क भी विवाद की जड़?
ग्रामीणों पर आरोप है कि , अमेरा खदान क्षेत्र में हर दिन लाखों रुपए का कोयला चोरी होता है, जिसका इस्तेमाल आसपास के ईंट भट्टों में किया जाता है। खदान विस्तार से ये चोरी लगभग बंद हो जाएगी, जिससे इस अवैध नेटवर्क के हित प्रभावित होंगे। प्रशासन मान रहा है कि विरोध के पीछे यह बड़ा कारण भी हो सकता है।
क्षेत्र में सन्नाता, पुलिस ने फिर संभाली कमान
शाम तक पुलिस ने पूरे खदान क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया और ग्रामीणों द्वारा कब्जाए गए अवैध निर्माणों को हटाना शुरू किया। इलाके में अभी भी माहौल तनावपूर्ण है और भारी सुरक्षा बल तैनात है।