
संवाददाता- दीपक गोटा
मारे जाने के डर से माड़ डिवीजन के 19 महिला समेत 28 नक्सलियों ने की आत्मसमर्पण जिनमें कुल ₹89 लाख के इनामी नक्सली शामिल
छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में आज पुनर्वास से पुनर्जीवन- पहल के अंतर्गत एक महत्त्वपूर्ण एवं निर्णायक उपलब्धि दर्ज हुआ हैं जहाँ 19 महिला समेत कुल 28 माओवादी ने हिंसा का रास्ता छोड़ कर सामाजिक मुख्यधारा में लौटने का लिया निर्णय जिनमें कुल ₹89 लाख के इनामी नक्सली हैं शामिल
पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन” स्थायी शांति और सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है छत्तीसगढ़ सरकार की पहल है, जिसका उद्देश्य हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को समाज की मुख्यधारा में लाना है यह एक सशक्त कदम है जो बस्तर में स्थायी शांति, विकास और सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करता
जिसके तहत आत्मसमर्पित कैडरों को वित्तीय सहायता- आवास- स्वरोजगार और कौशल विकास का अवसर दिया जाता और इस पहल के माध्यम से सरकार का लक्ष्य बस्तर को नक्सल-मुक्त बनाना और विकास की राह पर लाना है
नारायणपुर जिले के स्थानीय समाज एवं प्रशासन” पुलिस और सुरक्षा बलों के सतत- समन्वित और दृढ़ प्रयासों का परिणाम है- जहाँ पूना मारगेम पुनर्वास से पुनर्जीवन का पहल बस्तर क्षेत्र में स्थायी शांति- बढ़ते विश्वास और व्यापक परिवर्तन का आधार बनता जा रहा है
नारायणपुर जिले में आज पुनर्वास हुए 28 माओवादी कैडरों में निम्न स्तरों के सदस्य शामिल हैं
1.DVCM माड़ डिवीजन (01)
2.PPCM सीआरसी स्टॉफ टीम (01)
3.ACM अमदई एरिया कमेटी (01)
4.ACM बायनार एरिया कमेटी (01)
5.ACM परतापुर एरिया कमेटी (01)
6.ACM उत्तर ब्यूरो स्टॉफ (01)
7.ACM कुतुल एरिया कमेटी (02)
8.मिलिट्री सदस्य कम्पनी नम्बर-06-(03)
9.मिलिट्री सदस्य प्लाटून नम्बर-32- (01)
10.PM टेक्निकल टीम (04)
11.PM पूर्व बस्तर डिवीजन (03)
12.PM माड़ डिवीजन (02)
13.PM उत्तर बस्तर डिवीजन (01)
14.जनताना सरकार सदस्य माड़ डिवीजन (01)
15.जनताना सरकार सदस्य पूर्व बस्तर डिवीजन (05)
कुल 28 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ मुख्यधारा में लौटने का लिया निर्णय
हथियारों के साथ किया आत्मसमर्पण जिसमें कुल 03 माओवादी कैडरों ने अपने पास रखे 03 हथियार (SLR, INSAS एवं 303 रायफल) सुरक्षा बलों को विधिवत रूप से सौंप दिया
यह हिंसा से दूरी बनाने और कानून व्यवस्था पर विश्वास का एक स्पष्ट और सकारात्मक संकेत का संदेश है
नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिन्सन गुड़िया ने जानकारी देते हुए कहा कि आज की कार्रवाई के बाद वर्ष 2025 में जिले में कुल 287 माओवादी कैडर हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल हो चुके हैं,यह आँकड़ा बताता है कि क्षेत्र में विश्वास एवं शांति और विकास की प्रक्रिया लगातार गति पकड़ रही है जिसमें आज कुछ
28 नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है
बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री सुंदरराज पत्तिलिंगम ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में वामपंथी उग्रवाद अपने अंतिम चरण में है और सुरक्षा बल अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं
जिला नारायणपुर में 28 माओवादी कैडरों का पुनर्वास यह दर्शाता है कि हिंसक और जनविरोधी माओवादी विचारधारा का अंत अब निकट है। लोग ‘पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन’ पहल पर भरोसा जताते हुए शांति, गरिमा और स्थायी प्रगति का मार्ग चुन रहे हैं।
छत्तीसगढ़- प्रशासन भारत सरकार ने बस्तर पुलिस स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा बल क्षेत्र में शांति स्थापित करने पुनर्वास सुनिश्चित करने और समावेशी विकास को आगे बढ़ाने के लिए पूर्णत- प्रतिबद्ध हैं- यह उल्लेखनीय है कि पिछले 50 दिनों में बस्तर रेंज में 512 से अधिक माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग छोड़कर सामाजिक मुख्यधारा में जुड़ने का निर्णय लिया है
इन सभी निकायों का प्राथमिक लक्ष्य बस्तर क्षेत्र में स्थिरता लाना और निवासियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना है
बस्तर के IGP ने कहा: शेष माओवादी कैडर – जिनमें Politburo सदस्य देवजी (Central Committee) सदस्य रामदर” DKSZC सदस्य पाप्पा राव- देवा (Barse Deva) तथा अन्य शामिल हैं- इनके पास हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है
पुनर्वास कार्यक्रम के दौरान नारायणपुर के स्थानीय समाज- श्री सुन्दरराज पत्तिलिंगम” बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक- सुश्री प्रतिष्ठा ममगई कलेक्टर नारायणपुर के पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया
भाप्रसे सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो-सीईओ जिला पंचायत नारायणपुर- रोशन सिंह असवाल
38वीं वाहिनी आईटीबीपी- राजीव गुप्ता सेनानी
43वीं वाहिनी आईटीबीपी- संजय कुमार सेनानी
53वीं वाहिनी आईटीबीपी- संजय सिंह, सेनानी
129वीं वाहिनी बीएसएफ- नवल सिंह, सेनानी
135वीं वाहिनी बीएसएफ अति. पुलिस अधीक्षक भापुसे श्री अक्षय प्रमोद साबद्दा” अति-पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार नायक- सहित सैकड़ों की संख्या में समाज-प्रमुख- मीड़ियाकर्मी- पत्रकार, पुलिस अधिकारी और जवान एवं आत्मसमर्पित करने वालो के परिजनों भी रहे उपस्थित