
संवाददाता- दीपक गोटा
इंडिया गेट पर छात्राओं ने वायु प्रदूषण के खिलाफ किया प्रदर्शन- प्रदर्शन में केंद्र सरकार के खिलाफ और नक्सलियों के समर्थन में नारे लगाए गए
दिल्ली में हुए प्रदूषण के खिलाफ इंडिया गेट पर छात्रों ने प्रदर्शन किया छात्रों का ये प्रदर्शन अब सवालों के घेरे में आ गया है। छात्रों ने पहले तो प्रदूषण का बहाना बनाकर प्रदर्शन किया प्रदर्शन में केंद्र सरकार के खिलाफ और नक्सलियों के समर्थन में नारे लगाए गया इसके बाद दर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर मिर्ची स्प्रे से हमला कर दिया। हमले में दिल्ली पुलिस के कई अधिकारी घायल हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा घटना तब हुई जब पुलिस उन्हें बैरिकेड्स पार करने से रोक रही थी पुलिस अब मामले में एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई कर रही है लेकिन सवाल यही है कि आखिर प्रदर्शनकारियों की मंसा क्या है ?
दरअसल देश की राजधानी दिल्ली में दिवाली के बाद से ही हवा लगातार खराब होने के कारण ही यही वजह है कि अब आम जनता भी सरकार के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे है दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण के खिलाफ इंडिया गेट पर छात्रों ने प्रदर्शन किया – हालांकि इस प्रदर्शन में प्रदूषण के खिलाफ कम गुस्सा और नक्सलियों के समर्थन में नारे लगाना ज्यादा दिखा
इंडिया गेट पर हुआ प्रदर्शन विवादों में घिर गया है यहां वायु प्रदूषण के प्रदर्शन के दौरान नक्सली कमांडर ‘हिडमा अमर रहे’ के नारे लगाए गए।
प्रदर्शनकारियों ने हिडमा के नाम की पत्तियां और पोस्टर पकड़े हुए थे प्रदर्शनकारी व्यवस्था से नाराज़ थे और उसमें बदलाव की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने माओवादी कमांडर माडवी हिडमा (जो हाल ही में मुठभेड़ में मारा गया था) के पोस्टर पकड़ रखे थे इस पर बीजेपी नेताओं ने भी आपत्ति जताई है प्रदर्शन के दौरान हिडमा के समर्थन में नारे लगाने वालों को पुलिस ने कार्रवाई की बात कही है। पुलिस की तरफ से साफ कहा गया कि नारेबाजी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
सीनियर अधिकारी ने पेपर स्प्रे की घटना पर कहा-कुछ प्रदर्शनकारी C-हेक्सागन में घुस गए थे और आने-जाने पर रोक लगाने के लिए लगाए गए बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश कर रहे थे हमने उन्हें समझाने की कोशिश की और उनके पीछे कई एम्बुलेंस और मेडिकल कर्मी फंसे हुए हैं उन्हें इमरजेंसी एक्सेस की जरूरत है लेकिन वे गुस्सा हो गए और मौके पर मौजूद पुलिस वालों को लगा कि मामला हाथापाई तक बढ़ सकती है तो उन्होंने प्रोटेस्ट करने वालों को पीछे हटने की सलाह दी की हालांकि उन्होंने पीछे हटने से मना कर दिया और बैरिकेड तोड़ दिए। प्रदर्शनकारी सड़क पर आ गए और वहीं बैठ गए पुलिस टीमें उन्हें हटाने की कोशिश कर रही जब हमारी टीमें उन्हें हटाने की कोशिश कर रही थीं, तो कुछ प्रोटेस्ट करने वालों ने पुलिसवालों पर चिली स्प्रे से हमला कर दिया। इसके बाद ट्रैफिक में रूकावट से बचने के लिए प्रोटेस्ट करने वालों को C-हेक्सागन से हटा दिया गया।
डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस देवेश कुमार महला ने कहा की यह बहुत अजीब था।पहली बार प्रोटेस्ट करने वालों ने ट्रैफिक और लॉ एंड ऑर्डर मैनेज कर रहे अधिकारियों पर चिली स्प्रे का इस्तेमाल किया।
डिप्टी कमिश्नर के मुताबिक यह पहली बार है जब भीड़ कंट्रोल ऑपरेशन के दौरान पुलिसवालों को पेपर स्प्रे का सामना करना पड़ा और उन्होंने कहा हमारे कुछ अधिकारियों की आंखों और चेहरे पर स्प्रे लगा और उनका अभी RML हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। इस बारे में लीगल एक्शन लिया जाएगा।
भाजपा नेता अमित मालवीय ने प्रदर्शनकारियों की नारेबाजी पर अपनी चिंता व्यक्त की और सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया।
उन्होंने लिखा कि दिल्ली का सर्दियों का AQI चिंताजनक हो सकता है, लेकिन यह भी एक तथ्य है कि इस साल हवा की गुणवत्ता पिछले एक दशक की तुलना में काफी बेहतर रही है
इस सुधार का मुख्य कारण केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद पूरे उत्तर भारत में पराली जलाने (खेतों में आग लगने) की घटनाओं में कमी आना बताया गया है फिर भी उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी शासित पंजाब इस समस्या का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है।
मालवीय ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि यह दिलचस्प है कि पिछले दस वर्षों से दिल्ली में एक शहरी नक्सली मुख्यमंत्री था और साल-दर-साल शहर में दम घुटने वाली स्थिति के बावजूद स्वच्छ हवा की मांग के लिए कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित नहीं किया गया
लेकिन जैसे ही BJP दिल्ली में सत्ता में आई अचानक हमारे पास प्रदूषण के नाम पर विरोध प्रदर्शन करने वाले एक्टिविस्ट आ गए ये विरोध प्रदर्शन साफ तौर पर एक पिछड़े कम्युनिस्ट एजेंडे से प्रेरित हैं।पर्यावरण की चिंता से नहीं इसके चेहरे जाने-पहचाने हैंJNU के लेफ्ट-अलाइंड यूनियनों के वही बदमाश स्टूडेंट एक्टिविस्ट हैं।
यह जानकारी कि छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश के बॉर्डर पर 18 नवंबर को हुई मुठभेड़ में कथित तौर पर नक्सली नेता हिड़मा मारा गया था और उसके समर्थन में दिल्ली में इंडिया गेट पर नारेबाजी हुई थी। महत्वपूर्ण है यह मामला संवेदनशील है।
क्योंकि हिड़मा कई गंभीर हमलों में शामिल रहा है और उस पर बड़ा इनाम था
इसी के समर्थन में दिल्ली में इंडिया गेट पर हुई नारेबाजी ने हर किसी को हैरान कर दिया है। हिडमा ने करीब 350 लोगों की जान ली है। इसमें ज्यादा सेना के जवान शामिल हैं ।
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