
बिजली विभाग मे अव्यवहारिक और जटिल नियमो से हो रहे हैं आपातकालीन कार्यों की निविदा-नरेन्द्र नाग अध्यक्ष बस्तर लोकसभा
आपातकालीन कार्यों के लिए अनुभवहीन ठेकेदार एवं पंजीयन प्रपत्र की अनदेखी -नरेन्द्र नाग अध्यक्ष बस्तर लोकसभा,छत्तीसगढ़
नारायणपुर-आज आम आदमी पार्टी के बस्तर लोकसभा अध्यक्ष नरेन्द्र नाग ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बिजली विभाग ने सालो से चल रहे आपातकालीन एवं नए कनेक्शन जैसे अन्य कार्यों के निविदा प्रक्रिया कों अचानक से बदलकर अव्यवहारिक और जटिल नियमो के साथ पुरे साल के कार्यों का जिन कार्यों का प्राक्लन और प्राक्लन की राशि का भी अतापता तक नहीं हैं उनके लिए निविदा करवाया जा रहा हैं इससे ऊर्जा विभाग और बिजली विभाग का जनता के प्रति संवेदनहिंता स्पष्ट होती हैं जानकारी के मुताबिक पूर्व से चले आ रहे निविदा का आधार पंजीयन प्रपत्र के नियम होते हैं जिसका पालन व्यावहारिक मे किया जाना होता हैं नए निविदा मे भी आधार पंजीयन प्रपत्र का ही हैं लेकिन उसका पालन नहीं किया जा रहा हैं जैसे जिन ठेकेदारों का लिमिट 5 लाख gst सहित तक की ही निविदा मे भाग ले सकते हैं वो अभी जारी निविदा के लगभग 25 लाख gst सहित के निविदा मे भाग ले रहे हैं जो की पंजीयन प्रपत्र के विरुद्ध हैं और यह 25 लाख की निविदा भी तय नहीं हैं साल भर मे करोड़ो का भी कार्य इस निविदा से हो सकता हैं विषमता यह भी हैं की अलग अलग वितरण केंद्र मे निविदा के अंतर्गत की जाने वाले कार्यों मे राशि का बहुत ज्यादा अंतर होता हैं मतलब किसी ठेकेदार कों करोड़ो राशि का कार्य मिलेगा और किसी कों कुछ लाखों का जब की निविदा की प्रकृति और कार्य समान हैं उन्होंने कहा आपातकालीन कार्यों का अनुभव नहीं रखने वाले ठेकेदार निविदा के अव्यहारिकता की वजह से कार्य करेंगे तो जनता की समस्या कितनी भयावह हो सकती हैं और बिजली अधिकारी कार्य न होने की स्तिथि मे ठेकेदार कों जिम्मेदार ठहराया जायेगा लेकिन हकीकत मे जिम्मेदारी विभाग की हैं जिसने ऐसा अव्यवहारिक और जटिल नियमो के साथ इस निविदा कों जारी किया और अगर यह निविदा जारी हुआ तो आगामी समस्या का अंदाजा लगाना संभव नहीं हैं लेकिन यह स्पष्ट हैं इसके दुर्गमी दुष्परिणाम देखने कों मिलेंगे, पहले की निविदा मे दर ठेकेदार तय करता था इस निविदा मे विभाग दर तय कर रहा हैं +5 से -5 के दर पे ही निविदा डाल सकते हैं जिन ठेकेदारों कों लगता हैं -5 की दर के नीच जाकर भी वो काम कर सकते हैं वो बाध्य होकर -5 दर ही डालेंगे उससे नीचे जाने पर निविदा निरस्त कर दिया जायेगा और अगर -5 की दर पर एक से ज्यादा निविदा डाली गई तो लौटरी से फैसला कितना तर्कसंगत हैं ऐसे अन्य कई अव्यवहारिक एवं जटिल नियमो से भरा हैं निविदा।