दंडकारण्य कृषि संदेश : जैविक तरीके से करेले की फसल के लिए सर्दियों का मौसम है उपयुक्त जाने कैसे करे इसकी खेती ?…..

संवाददाता- दीपक गोटा

 

करेले कि फसल 

परिचय

 

सर्दियों का मौसम करेला (Bitter Gourd) उगाने के लिए बिल्कुल उपयुक्त समय है। अगर आप अपने घर की छत, बालकनी में जैविक तरीके से करेला उगाना चाहते हैं, तो थोड़ी सी देखभाल और सही तरीका अपनाकर आप ताजे, हरे करेले की फसल घर पर ही उगा सकते हैं आइए जानते हैं इसे आसान चरणों में कैसे उगाए –

 

1. बीज का चयन 

सबसे पहले करेले के गुणवत्तापूर्ण बीजों का चुनाव बहुत ज़रूरी है। कोशिश करें कि बीज किसी विश्वसनीय दुकान, नर्सरी या ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म से खरीदें। खराब या पुराने बीज अंकुरित नहीं होते, इसलिए बीज खरीदते समय पैकेजिंग की तारीख जरूर जांचें

 

 2. मिट्टी की तैयारी 

करेले के लिए सबसे उपयुक्त मिट्टी वह होती है जिसमें जल निकासी अच्छी हो। इसके लिए यह मिश्रण तैयार करें –

50% बगीचे की मिट्टी

30% वर्मीकम्पोस्ट या सड़ी गोबर की खाद

20% नदी की रेत (बालू)

 

इस मिश्रण में 2 मुट्ठी नीम खली पाउडर मिलाएं ताकि मिट्टी रोगमुक्त और पोषक तत्वों से भरपूर बने। इस तैयार मिट्टी को ‘सीडलिंग ट्रे’ या छोटे गमले में भर लें

3. बीज भिगोना 

करेले के बीजों की बाहरी परत थोड़ी कठोर होती है, इसलिए इन्हें रातभर पानी में भिगो दें। इससे बीज जल्दी और समान रूप से अंकुरित होंगे। अगले दिन इन्हें पानी से निकालकर बोने के लिए तैयार करें।

4. बीज बोना 

मिट्टी में लगभग 1 इंच गहराई में एक-एक बीज डालें। ध्यान रहे कि बीजों के बीच 2–3 इंच की दूरी हो ताकि पौधे को बढ़ने की जगह मिल सके। बीज डालने के बाद ऊपर से हल्की मिट्टी डालें और धीरे से पानी दें

5. धूप और तापमान

करेले के बीजों को अंकुरित होने के लिए पर्याप्त धूप चाहिए। सीडलिंग ट्रे या गमले को ऐसी जगह रखें जहाँ प्रतिदिन 6–8 घंटे की धूप आती हो

 6. सिंचाई (Watering) 

मिट्टी को हमेशा हल्का नम रखें, लेकिन कभी भी पानी जमा न होने दें। ज्यादा पानी से बीज सड़ सकते हैं। जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखी लगे तभी पानी डालें।

7. पौधों की रोपाई 

जब पौधों में 3–4 पत्ते आ जाएँ, तो उन्हें बड़े गमले में ट्रांसप्लांट करें। गमला कम से कम 12–14 इंच का होना चाहिए ताकि जड़ें फैल सकें और पौधा स्वस्थ रूप से बढ़े

 8. नियमित खाद 

हर 20–25 दिन में पौधे को गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट दें। पौधे के चारों ओर हल्का गड्ढा बनाकर उसमें खाद डालें और मिट्टी से ढक दें। इससे पौधा अधिक फूल और फल देगा

9. बेल को सहारा दें 

करेला एक बेल वाला पौधा है जो ऊपर की ओर बढ़ता है, इसलिए बेल को सहारा देने के लिए रस्सी, जाली या बांस का सहारा दें। इससे पौधा स्वस्थ रहेगा और फलों को गिरने से भी बचाया जा सकेगा

10. करेले की तुड़ाई 

करेला के पौधे रोपाई के लगभग 2 से 3 महीने बाद फल देना शुरू कर देते हैं। जब फल 4–6 इंच लंबे और हरे रंग के हों, तब उन्हें तोड़ें। बहुत देर तक छोड़ देने से फल पीले और कड़वे हो सकते हैं

 

नियमित देखभाल, धूप और जैविक खाद के इस्तेमाल से आप पूरे सीजन करेले की ताज़ा फसल का आनंद घर पर ही ले सकते हैं

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