दंडकारण्य सेहत संदेश: PCOD, व्हाइट डिस्चार्ज और अनियमित पीरियड के लिए रामबाण है अशोक छाल  जाने इसके औषधीय गुणों के बारे में

अशोक छाल

 परिचय

अशोक (Saraca asoca) एक औषधीय पेड़ है, जिसे आयुर्वेद में स्त्री-रोगों की सबसे प्रभावी दवा माना गया है। इसकी छाल, फूल, और पत्ते कई बीमारियों में उपयोग किए जाते हैं। छाल का स्वाद कसैला और ठंडा होता है।

 

अशोक छाल के उपयोग 

स्त्री रोगों की औषधि के रूप में

अधिक मासिक धर्म रक्तस्राव को नियंत्रित करने में

गर्भाशय को मजबूत बनाने में

सफेद पानी (Leucorrhoea) में

पेट दर्द और गर्भाशय दर्द में

सूजन (Inflammation) कम करने में

मूत्र रोगों में

खून की कमी में सहायक औषधि के रूप में

 

अशोक छाल के गुण (Properties)

कसैला (Astringent) – रक्तस्राव रोकने में मदद

शीतल (Cooling) – शरीर को ठंडक देता है

उत्तम स्त्री-टॉनिक

रक्तशुद्धिकारक

सूजन-रोधी (Anti-inflammatory)

दर्दनिवारक (Analgesic)

 

अशोक छाल के लाभ

अत्यधिक मासिक धर्म (Menorrhagia) को नियंत्रित करती है।

अनियमित पीरियड्स को सही करती है।

गर्भाशय की कमजोरी दूर करती है।

सफेद पानी की समस्या में राहत देती है।

पीसीओडी/पीसीओएस के लक्षणों में सहायक।

मूत्र की जलन व बार-बार पेशाब आने में राहत।

त्वचा से संबंधित समस्याओं में भी उपयोगी।

अशोक छाल के हानिकारक प्रभाव / सावधानियाँ

1. अत्यधिक मात्रा में लेने से

पेट दर्द

कब्ज

भूख कम होना

उलटी जैसा महसूस होना

2. अधिक समय तक लगातार सेवन करने से

शरीर में अत्यधिक ठंडक बढ़ सकती है

मासिक धर्म अत्यधिक कम या रुक भी सकते हैं

3. जिन लोगों को नहीं लेना चाहिए

गर्भवती महिलाएँ (बिना डॉक्टर की सलाह के बिल्कुल नहीं)

बहुत अधिक ठंडे स्वभाव/कफ वाली महिलाएँ

जिनको पहले से ही पीरियड बहुत कम आते हों

जिनको गर्भाशय में कोई गंभीर संक्रमण हो

4. गलत मात्रा में लेने से

कमजोरी

चक्कर

हॉर्मोनल असंतुलन

पेट में ऐंठन

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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