Chhattisgarh : आदिवासी गौरव छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज ( व्यापार एवं विकास )सहकारी संघ मर्यादित के नवनियुक्त अध्यक्ष रूपसाय सलाम जी का जीवन परिचय …

आदिवासी  के गौरव छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज ( व्यापार एवं विकास )सहकारी संघ मर्यादित के नवनियुक्त अध्यक्ष रूपसाय सलाम जी का जीवन परिचय …

रुपसाय सलाम जी का जन्म वर्ष 01.08.1967में जिला नारायणपुर के ग्राम रेमावण्ड में हुआ था । एक गरीब आदिवासी परिवार में जन्मे रुपसाय सलाम जी के पिता  एक लघु कृषक थे जिनके पास बहुत ही सीमित कृषि भूमि थी जिससे वहां बड़ी मुश्किल से जीवन यापन करते थे

पिता के आकस्मिक मृत्यु  के बाद बहुत ही गरीबी में आपका बचपन बीता और जिसके चलते अपने केवल पांचवी कक्षा तक अपनी पढ़ाई की पिता की मृत्यु के बाद घर की सारी जिम्मेदारी आपके कंधों पर आ गई जिसके लिए आप  बचपन से ही नर्तक दल में सम्मिलित होकर बस्तर की परंपराओं को जीवंत रखे, इसके साथ-साथ प्रसिद्ध नाट्यकार हबीब तनवीर के साथ नाट्य मंचन के अलावा बस्तर बैंड में भी भाग लिया। सन् 1987 में भाजपा में बस्तर के लौह पुरुष स्व. बलीराम कश्यप जी के समक्ष श्री बृजमोहन देवांगन तथा रुपसाय जी के बड़े पिताजी स्व. दुकारू राम जी की उपस्थिति में भाजपा प्रवेश किया। इसके बाद लगातार संगठन में कई पदों पर रहे, निर्वाचित जनपद सदस्य, जिला पंचायत सदस्य के अलावा वनोपज संघ में प्रदेश प्रतिनिधि भी वर्तमान में हैं। पार्टी में दो-दो बार भाजपा जिलाध्यक्ष का दायित्व भी निभा चुके हैं। सामाजिक दायित्व में आप वर्तमान में सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक हैं, इसके पूर्व गोंडवाना समाज के अध्यक्ष भी रहे हैं। धर्मान्तरण के विरोधस में आप जेल भी जा चुके हैं। रुपसाय सलाम केवल नारायणपुर ही नहीं सारे बस्तर संभाग में एक प्रखर व्यक्तित्व लेकर उभरे हैं। आपने अपने मेहनत से समाज और पार्टी दोनों में अपनी साख मजबूत की है।

और आज आपने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज ( व्यापार एवं विकास )सहकारी संघ मर्यादित के नवनियुक्त अध्यक्ष का पदभार ग्रहण कर आदिवासी समुदाय और अपनी मिट्टी को गौरांवित किया है

आपके उज्जवल भविष्य के साथ इस नये दायित्व को दृढ़तापूर्वक संपादित किया जाने बधाई !

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