दंडकारण्य सेहत संदेश : स्वर्ग से धरती पर उतरने वाला दिव्य पुष्प पारिजात ,जो है औषधीय,अध्यात्म और सौंदर्य के संगम  का प्रतीक जाने क्या – क्या है  उसमें चमत्कारी गुण..

पारिजात

परिचय

पारिजात एक सुंदर सुगंधित पौधा है, जिसे हिंदी में हरसिंगार या रात की रानी भी कहा जाता है। इसके फूल रात में खिलते हैं और सुबह झड़ जाते हैं। यह पौधा धार्मिक, औषधीय और सौंदर्य दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार पारिजात का पौधा स्वर्ग लोग से धरती पर आया है।

औषधीय गुण

1. पारिजात के पत्ते, फूल और बीज — सभी औषधि के रूप में उपयोग किए जाते हैं।

2. इसमें एंटी-वायरल, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-पायरेटिक (बुखार कम करने वाले) गुण होते हैं।

3. यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।

लाभ और उपयोग

1. बुखार में लाभदायक:

पारिजात की पत्तियों का काढ़ा डेंगू, मलेरिया और वायरल फीवर में बहुत उपयोगी माना जाता है।

2. जोड़ों के दर्द में राहत:

पारिजात की पत्तियों का रस या पेस्ट आर्थराइटिस और गठिया जैसी बीमारियों में सूजन और दर्द कम करता है।

3. पाचन सुधारता है:

इसके फूलों की चाय या काढ़ा पाचन शक्ति बढ़ाता है और कब्ज दूर करता है।

4. त्वचा और बालों के लिए:

पारिजात का तेल त्वचा को कोमल बनाता है और बालों की जड़ें मजबूत करता है।

5. नींद और तनाव में राहत:

इसके फूलों की सुगंध मन को शांत करती है, तनाव घटाती है और नींद को बेहतर बनाती है।

उपयोग के घरेलू तरीके

काढ़ा – 5-6 पत्तियां पानी में उबालकर सुबह खाली पेट पी सकते हैं।

फूलों की चाय – सूखे फूलों को गर्म पानी में डालकर चाय की तरह पीने से सर्दी-जुकाम और पाचन में लाभ होता है।

पत्तियों का रस – 1-2 चम्मच रस दिन में एक बार लेने से बुखार और दर्द में राहत मिलती है।

सावधानी

अत्यधिक मात्रा में सेवन न करें।

गर्भवती महिलाएं या गंभीर बीमारियों से ग्रसित व्यक्ति

उपयोग से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह लें।

 

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