
संवाददाता- दीपक गोटा
25 वां राज्योत्सव के दौरान वायु सेना के द्वारा रोमांचक एयर शॉ तथा आसमान में एक साथ जय जोहार और छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया की आवाज गूंजने लगी
छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एयरोबेटिक टीम ने नवा रायपुर के सेंध जलाशय के ऊपर एक अत्यंत रोमांचक और हैरतअंगेज एयर शो का प्रदर्शन किया। इस शानदार प्रदर्शन के दौरान आसमान में – जय जोहार और ‘छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया के नारे गूंज उठे जिसने दर्शकों में भारी उत्साह भर दिया
भारतीय वायुसेना के 9 हॉक एमके-132 (Hawk Mk-132) लड़ाकू विमानों ने एक साथ उड़ान भरी और कई रोमांचक करतब दिखाए
विमानों ने आसमान में तिरंगा हार्ट इन द स्काई (आसमान में दिल) और एरोहेड जैसे आकर्षक फॉर्मेशन बनाए
छत्तीसगढ़ के ही निवासी स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल ने कॉकपिट से जय जोहार और छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया कहकर लोगों का अभिवादन किया जिससे स्थानीय लोगों का उत्साह कई गुना बढ़ गई
इस एयर शो को देखने के लिए सेंध जलाशय परिसर में हजारों की संख्या में दर्शक उमड़े और पूरा इलाका भारत माता की जय- और जय हिंद के नारों से गूंज उठा
देश के उप राष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन राज्यपाल रमेन डेका- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, साथ ही हजारों संख्या में दर्शक रहे और अनुशासन- परस्पर विश्वास सटीकता और देशप्रेम के जज्बे के साथ वायु सेना के विमानों ने दिखाई कलाबाजी – वायु सेना का एयर शो छत्तीसगढ़वासियों के लिए कमाल का अनुभव था और लोग देखकर एक घंटे तक होते रहे मंत्रमुग्ध
एयर शो के दौरान “सूर्यकिरण” टीम के लीडर ग्रुप कैप्टन अजय दशरथी ने आसमान से छत्तीसगढ़वासियों को रजत महोत्सव की बधाई दी वहीं छत्तीसगढ़ निवासी भारतीय वायु सेना के स्क्वाड्रन लीडर गौरव पटेल ने सेंध जलाशय के ऊपर अपने कॉकपिट से जय जोहार और छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया कहकर दर्शकों का अभिवादन किया। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा- कृषि मंत्री रामविचार नेताम वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल- स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल- राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा- वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी – महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े कौशल विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब और सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित विभिन्न निगमों मंडलों और आयोगों के पदाधिकारी भी एयर शो देखने पहुंचे थे
सूर्यकिरण टीम ने अनुशासन- परस्पर विश्वास- सटीकता और उत्साह के साथ एक घंटे तक वायु सेना के विमानों के साथ कलाबाजी दिखाकर दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। नवा रायपुर के सेंध जलाशय में मौजूद हजारों दर्शक पायलटों के हैरतअंगेज साहस और करतबों को देखकर मंत्रमुग्ध होते रहे
विंग कमांडर ए. व्ही. सिंह के नेतृत्व में वायुसेना की 1-एफ-9 और 1-एफ-8 हेलीकॉप्टर यूनिट ने वी-17 और वी-5 हेलीकॉप्टरों से नवा रायपुर के सेंध जलाशय में स्लीपरी और स्काई-ऑपरेशन के करतब दिखाए, जिसमें 14 गरुड़ कमांडो 15 मीटर की ऊंचाई से रस्सी के सहारे उतरे और 8 कमांडो रस्सी पर लटककर उड़े
वहीं स्काई-ऑपरेशन के दौरान आठ गरूड़ कमांडोज रस्सी पर लटककर हेलीकॉप्टर से दर्शकों के सामने से आकाश में उड़ते हुए गुजरे-और इन दोनों ऑपरेशनों को लड़ाई और आपदा के दौरान जनसामान्य को बचाने के लिए किया जाता है
सूर्यकिरण- टीम के नौ हॉक-मार्क-123 विमानों ने हवाई करतब दिखाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया- नीले आकाश में लाल और सफेद जेट विमानों द्वारा बनाई गई तिरंगे की आकर्षक ट्रेल ने देशभक्ति का माहौल बना दि और दर्शकों ने तालियों और जय-हिंद के नारों से परिसर को गुंजा दिया यह वाकई एक शानदार और यादगार अनुभव रहा और हज़ारों की संख्या में मौजूद नागरिक- युवा और बच्चे लगातार विमानों की कलाबाजियों को अपने कैमरों और मोबाइलों में कैद करते रहे
वायु सेना के जाबांज फाइटर पायलटों ने आसमान में दिल की आकृति बनाकर 25वें राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं और उन्होंने तिरंगे के तीन रंगों से डीएनए की आकृति बनाकर तिरंगे के प्रति अपना सम्मान प्रस्तुत किया- उन्होंने 360° में फाइटर जेट उड़ाते हुए उल्टा जेट भी उड़ाया- तेजस और युवाओं को समर्पित अंग्रेजी अक्षर – वाई की आकृति बनाने के साथ ही कई करतब दिखाए टीम का प्रदर्शन केवल मनोरंजन नहीं- बल्कि युवाओं में देशप्रेम साहस और भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा की प्रेरणा जगाने का संदेश भी दि
सूर्यकिरण’ एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम, 1996 में हुई थी स्थापना
भारतीय वायु सेना की सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम एशिया की एकमात्र नौ लड़ाकू विमानों वाली एरोबैटिक टीम है- जो यह विशिष्ट टीम भारत में ही निर्मित एचएएल (HAL) लाइसेंस प्राप्त हॉक एमके-132 (Mk-132) विमान उड़ाते हैं
इन विमानों के ज़रिए भारतीय वायु सेना की सटीकता पेशेवर उत्कृष्टता और कौशल का अद्भुत प्रदर्शन करती और जिसमें रोमांचक हवाई करतब और बेहद सटीक फॉर्मेशन शामिल होते सूर्यकिरण टीम को उसका मिशन विशेष बनाता है देश के युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में शामिल होकर देशसेवा के लिए प्रेरित करना इनका लक्ष्य है
यह सूर्यकिरण टीम भारतीय वायुसेना का गौरव है और अपनी शानदार एरोबैटिक कलाबाजियों के लिए जानी जाती है जो एशिया की एकमात्र नौ-विमानों वाली एरोबैटिक टीम है भारत भर में 700 से अधिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चीन- श्रीलंका- म्यांमार थाईलैंड- सिंगापुर और यूएई जैसे देशों में प्रदर्शन कि है और इसमें कुल 13 पायलट- 3 इंजीनियरिंग अधिकारी- 1 उद्घोषक (कमेंटेटर) और 1 चिकित्सा अधिकारी शामिल होते हैं