Chhattisgarh: 50 लाख के इनामी सक्रिय सीसी मेंबर रामधेर सहित उनके लगभग 50 नक्सली साथियों ने सुरक्षाबलों के सामने किया आत्मसमर्पण 

संवाददाता- दीपक गोटा

 

50 लाख के इनामी सक्रिय सीसी मेंबर रामधेर सहित उनके लगभग 50 नक्सली साथियों ने सुरक्षाबलों के सामने किया आत्मसमर्पण 

उत्तर बस्तर में नक्सल गतिविधियां में सक्रिय सीसी मेंबर रामधेर के अपने 50 नक्सली साथियों के साथ पखांजूर महला कैंप में आत्मसमर्पण की है ।सभी नक्सलियों पर कुल मिलाकर 50 लाख रूपए का ईनाम बताया जा रहा है।

 

पखांजूर से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर महला कैम्प में सुबह से हचलच मची हुई थी कि बड़े नक्सली नेता सोनू उर्फ भूपति के बाद रूपेश के आत्मसमर्पण के बाद अब तीसरी कड़ी में सीसी मेंबर रामधेर का नाम शामिल हुआ है उसकी संगठन पर पकड़ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह अकेले नहीं बल्कि अपने 50 साथियों के साथ नक्सली विचारधारा को त्याग कर समाज की मुख्य धारा में शामिल होने के लिए आत्मसमर्पण कर रहे है

 

सक्रिय सीसी सदस्य रामधेर और उनके लगभग 50 नक्सली साथियों ने महला कैंप में सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण किया है। इन सभी नक्सलियों पर कुल 50 लाख रुपये का इनाम था

 

आत्मसमर्पण के समय 39 हथियार नक्सलियों ने सुरक्षा बल के जवानों को सौंपा ।

 

यह हाल के हफ्तों में छत्तीसगढ़ में हुए कई बड़े नक्सली आत्मसमर्पणों में से एक है। अक्टूबर 2025 में, उत्तरी बस्तर के 208 नक्सलियों सहित कुल 210 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया था

 

 

17 अक्टूबर को बस्तर पुलिस लाइन ग्राउंड में 210 नक्सलियों ने सामूहिक आत्मसमर्पण किया था इस ऐतिहासिक अवसर पर सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों का फूलों और संविधान की पुस्तक के साथ स्वागत किया गया मुख्यमंत्री सीएम साय डिप्टी सीएम विजय शर्मा और डिप्टी सीएम अरूण साव ने भी इसका हिस्सा बनकर नक्सलियों का स्वागत किया था

 

इस मौके पर वरिष्ठ माओवादी नेताओं सहित केंद्रीय समिति सदस्य रूपेश उर्फ सतीश- भास्कर उर्फ राजमन मंडावी रनिता- राजू सलाम – धन्नू वेट्टी उर्फ संतू और क्षेत्रीय समिति सदस्य रतन एलम ने भी आत्मसमर्पण किया था उन्होंने 153 हथियार भी सुरक्षा बलों को सौंपे थे जिनमें (19 AK-47) (17 SLR) (23 INSAS) (1 INSAS LMG) (36.303 राइफलें) (4 कार्बाइन और 11 बैरल ग्रेनेड लॉन्चर शामिल थे

 

 

यह घटना छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को खत्म करने के सरकार के प्रयासों की सफलता को दर्शाती है। सरकार द्वारा लागू की गई समर्पण और पुनर्वास नीति के कारण ही इतनी बड़ी संख्या में नक्सली मुख्यधारा में लौट रहे हैं..

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