Chhattisgarh: राष्टीय सेविका समिति द्वारा भव्य विजयदशमी तथा शस्त्र पूजन ,बैंड के साथ एक अनुशासित पथ-संचलन निकाला गया राष्टीय सेविका समिति उत्तर बस्तर विभाग भाव पथ संचलन शौभा यात्रा

संवाददाता – दीपक गोटा

राष्टीय सेविका समिति द्वारा भव्य विजयदशमी तथा शस्त्र पूजन ,बैंड के साथ एक अनुशासित पथ-संचलन निकाला गया राष्टीय सेविका समिति उत्तर बस्तर विभाग भाव पथ संचलन शौभा यात्रा

 

राष्ट्रीय स्वयं सेविका समिति उत्तर बस्तर विभाग में 14 अक्टूबर 2025 को नारायणपुर नगर में भव्य विजयादशमी-शस्त्र पूजन उत्सव और पथ संचलन का   उत्सव बनाया गया

 

राष्ट्रीय सेविका के द्वारा भाव पथ संचलन शौभा यात्रा निकाला गया इस उत्सव के शुभ अवसर पर नगर के समस्त सेविकाओं सामिल रहे, इस शोभायात्रा में समिति की कई सेविकाओं ने गणवेश में भाग लिया

शस्त्र पूजन में, बैंड के साथ एक अनुशासित पथ-संचलन (शोभायात्रा) निकाला गया

 

विजयादशमी का यह पर्व आत्मशक्ति, संगठन और विजय का प्रतीक है। समिति के अनुसार यह दिन केवल विजय का नहीं बल्कि धर्म, के सत्य और शक्ति के आधार पर समाज जागरण एवं संगठन का संदेश देने का अवसर भी है

 

इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सामिल- निर्मल इलवाले जी तथा मुख्य वक्ता के रूप में शारदा दीदी (संभाग प्रचारिका उत्तर बस्तर राजनांदगांव विभाग) से उपस्थित रहीं कार्यक्रम का एकत्रीकरण प्रातः 10 बजे हुआ राष्ट्र सेविकाओं द्वारा नगर भ्रमण शोभा यात्रा (पथ संचलन) बस स्टैंड से प्रारंभ होकर पुराना बस स्टैंड, भारत माता चौक, राजीव चौक होते हुए जगदीश मंदिर में पहुँची, जहाँ समापन दोपहर 12 बजे कि गई

 

नारायणपुर जिले के समस्त सनातन धर्म, के पदाधिकारी

एवं समस्त नगर वासियों भी सामिल रहे एवं जिला राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों भी इस कार्यक्रम उत्सव में साहभागिदारी बाने

 

मार्ग विवरण:-विश्राम गृह (पुराना बस स्टैंड) से चलकर जगदीश कल मंदिर में समापन

 

विजयदशमी पर्व स्वयं शक्ति संगठन और विजय का प्रतीक पर्व है और ऐतिहासिक घटना को स्मरण करते हैं यही वह दिन है जब मां भारती की जागृत चेतना के रूप में सन 1936 को राष्ट्र सेविका समिति की स्थापना हुई थी यह केवल संयोग नहीं था बल्कि एक गहरा संदेश था, कि भारत के नवजागरण और संगठन का कार्य धर्म सत्य और शक्ति के आधार पर होना चाहिए

 

 

राष्ट्र सेविका समिति समय-समय पर ऐसे उत्सव और शोभायात्राएं आयोजित करती है, जो राष्ट्रीय गौरव और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़े होते हैं।

यह आयोजन समिति के स्थापना दिवस (5 अक्टूबर, 2025) के अवसर पर भी मनाया जाता है

Exit mobile version