Chhattisgarh: माओवादियों ने लिखा पत्र 15 अक्टूबर तक करना चाहते हैं 100 से भी अधिक माओवादी आत्मसमर्पण नक्सली संगठन अब अंदरूनी रूप से दो गुटों में बंट चुका है…..

माओवादियों का पत्र 15 अक्टूबर तक करना चाहते हैं 100 से भी अधिक माओवादी आत्मसमर्पण नक्सली संगठन अब अंदरूनी रूप से दो गुटों में बंट चुका है…..

बस्तर संभाग के सर्किय माओवादी संगठन की माड़ डिवीजनल कमेटी के 100 से अधिक हिंसकों ने 15 अक्टूबर तक हथियार डालने की घोषणा की है

माड़ बचाओ अभियान के तहत जगह जगह पुलिस कैंप खोले जा रहे हैं।

 

 

 

डिवीजनल सचिव सभी के हस्ताक्षर से चार अक्टूबर जारी बयान में कहा गया है कि यह निर्णय पोलित ब्युरो सदस्य भूपति उर्फ सोनु उर्फ अभय के नेतृत्व से लिया गया है,

एवं माड़ डिवीजन इसका पुर्ण समर्थक करता है।

 

 

माड़ डिवीजन कमेटी के निर्णय को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह जी की चेतावनी और अपील दोनों के असर के के रूप में देखा जा रहा है।

अमित शाह जी ने बस्तर दशहरा में मुरिया दरबार के कार्यक्रम के मंच से मार्च 2026 तक माओवादी संगठन हिंसा के समूल खात्मे की चेतावनी देते हुए आत्मसमर्पण की अपील की थी।

 

माड़ डिवीजन कमेटी अबुझमाड़ क्षेत्रों के नारायणपुर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, अपने एवं कोंडागांव जिलायों को मिलाकर बनाई गई है।यह लगभग 5,000 वर्ग किमी का जंगल क्षेत्र है।यह क्षेत्र छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित है, पीएलसी के कैडर सर्किय हैं, यह क्षेत्र संगठन के सेंट्रल

कमेटी एवं पोलित ब्युरो सदस्यों का ठिकाना रहा है,

इस डिवीजन में पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी के लड़ाके शामिल हैं ।

 

माओवादियों ने पत्र में स्वीकारा कि उनका संगठन अब कमजोर हो चुका है

पत्र में उल्लेख किया गया है की डिवीजन के कई विभागों में भी इस निर्णय का समर्थन किया है किन बदलते समय और परिस्थितियों के अनुरूप आंदोलन में बदलाव न कर पाने के कारण नक्सलबाड़ियों की संगठन कमजोर हो चुकी है अब संगठन जनता के बीच रचनात्मक कार्य करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है माड़ डिवीजन ने जनता से इस निर्णय का समर्थन करने और सरकार से अभियान को अस्थाई रूप से रोकने का अपील की है ताकि संगठन अपने साथियों को यहां संदेश शांतिपूर्वक दे सके उन तक पहुंचा सके।

 

माओवादी संगठन अब अंदरुनी रूप से दो घुट में बंट चुका है उत्तर बस्तर , माढ़ और गडचिरोली डिवीजन आत्मसमर्पण के संकेत दे रहे हैं जबकि तेलंगाना स्टेट कमिटी संघर्ष जारी रखना चाहती है सोनू और देवजी गुट के बीच यहां विभाजन अब स्पष्ट रूप से सामने आ चुका है

– सुंदरराज पी. ,आईजीपी बस्तर

 

 

 

 

 

 

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