Chhattisgarh: स्कूलों में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान कार्यक्रम चलाया गया छत्तीसगढ़ की स्कूली शिक्षा अब एक नई दिशा की ओर…

संवादाता – दीपक गोटा 

 

 

 

स्कूलों में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान कार्यक्रम चलाया गया छत्तीसगढ़ की स्कूली शिक्षा अब एक नई दिशा की ओर…

छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल विभाग के द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के अंतर्गत सामाजिक अंकेक्षण का कार्यक्रम जिले में आयोजन किया गया प्रत्येक स्कूलों में कि गयी,

 

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता का आकलन,विद्यार्थियों की सीखने की दक्षता का मूल्यांकन और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।

 

इस कार्यक्रम अभियान के माध्यम से अभिभावकों, शिक्षकों, एसएमसी सदस्यों और ग्राम समुदाय को विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय रूप से जोड़ा गया,

 

 

के दौरान विद्यालय की शिक्षण व्यवस्था,

बच्चों की उपस्थिति, सीखने के स्तर, शैक्षणिक संसाधनों के उपयोग और विद्यालय वातावरण का सामूहिक मूल्यांकन किया गया

 

 

 

नारायणपुर जिले में आज बुधवार को आयोजन किया गया

वार्ड15 डूमरतराई और खड़ीबाहर के स्कूलों में सामाजिक अंकेक्षण के कार्यक्रम में शामिल रहे जिले के नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल एवं वार्ड के पार्षद हेमंत कुमार पात्र एवं वार्ड के वरिष्ठ पुरुष व महिलाए भी साथ में रहे

 

 

सभी ने कार्यक्रम के बाद स्कूली छात्र-छात्राओं के साथ मिलकर मध्यान भोजन भी कि गई,,

 

 

 

इस कार्यक्रम के मुख्य उद्देश्य और गतिविधियाँ इस प्रकार थीं,

 

 

शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार :

अभियान का लक्ष्य कक्षा शिक्षण में सुधार लाना, छात्रों की शैक्षिक उपलब्धियों को बढ़ाना और सीखने के परिणामों में सुधार करना है,

 

 

 

सामाजिक अंकेक्षण :

यह कार्यक्रम शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आयोजित किया गया,

 

मॉडल स्कूलों का चयन : उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को मॉडल स्कूलों के रूप में चुना जाता है। कम ग्रेड वाले स्कूलों के शिक्षकों को इन मॉडल स्कूलों का भ्रमण कराया जाता है, ताकि वे बेहतर शैक्षणिक तरीकों से सीख सकें,

 

 

 

प्रशिक्षण: बेहतर अभ्यास और शिक्षण के नवीन तरीकों का आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के लिए, कम ग्रेड वाले स्कूलों के शिक्षकों को मॉडल स्कूलों का दौरा कराया जाएगा।

 

 

यह अभियान न केवल शिक्षा विभाग, बल्कि जनप्रतिनिधियों और समाज के अन्य वर्गों की भागीदारी से भी सामुदायिक निगरानी को बढ़ावा देता है, ताकि स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार सुनिश्चित हो सके…

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