
- सुरक्षा बलों को मिल रही लगातार सफलता 2 महिला सहित 3 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण तीनों पर था 1 – 1 लाख रूपए का ईनाम…
शासन की आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर अब नक्सली लगातार आत्मसमर्पण कर लौट रहे मुख्यधारा में ।
गरियाबंद जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है । डीजीएन डिवीजन और ओडिशा स्टेट कमेटी से जुड़े तीन सक्रिय नक्सलियों ने आप ए हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है ।
आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों में नागेश समेत 2 महिला नक्सली जैनी और मनीला शामिल है नागेश ने देशी हथियार के साथ खुद को सुरक्षा बलों के सामने सरेंडर किया है।
सरेंडर करने वालों में 2 महिला तीनों नक्सली लंबे समय से संगठन में सक्रिय थे, बताया जा रहा है कि ये सभी पिछले 5 से 8 सालों से नक्सल गतिविधियों में शामिल थे।
और कई बड़ी माओवादी वारदातों में शामिल भी रह चुके हैं, ये तीनों नक्सली बड़े माओवादी नेताओं के करीबी सहयोगी के रूप में काम करते थे ।
उन्होंने गरियाबंद पुलिस के समर्पण अपील और शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हिंसा का रास्ता छोड़ने का फैसला लिया
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली
1. नागेश उर्फ रामा कवासी बीजापुर जिले के तर्रेम गांव का निवासी 2022 में माओवादी संगठन में भर्ती कई मुठभेड़ों में शामिल, मेटाल मुठभेड़ में भी सक्रिय भूमिका डीव्हीसी-डमरू के गार्ड के रूप में कार्यरत ,2.जैनी उर्फ देवे मडक बीजापुर जिले के इतगुडेम गांव की निवासी 2016 में जनमिलिशिया से शुरुआत, 2017 में संगठन की सदस्य बनी प्रमोद उर्फ पाण्डु (ओडिशा स्टेट कमेटी सदस्य) की गार्ड रही दोनों ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कई मुठभेड़ों में शामिल3. मनीला उर्फ सुंदरी कवासी बीजापुर जिले के जैगूर गांव की निवासी
2020 में संगठन में भर्ती, कृषि कार्य से शुरुआत
सीसी-चलपति उर्फ जयराम की गार्ड रही सीनापाली एरिया कमेटी में सक्रिय, कई मुठभेड़ों में शामिल थी ।
गरियाबंद के एसपी निखिल राखेचा ने कहा कि आत्मसमर्पण नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक अहम उपलब्धि है और इससे क्षेत्र में शांति स्थापना को नई दिशा मिलेगी