राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष कार्यक्रम पथ संचलन में काफी बढ़ चढ़ कर स्वयंसेवको की उपस्थित बहुत भव्यता के साथ विजयादशमी और शाताब्दी वर्ष का आयोजन संपन्न हुआ।
दिनांक 2 अक्टूबर( आश्विन शुक्ल दशमी) विजयादशमी के दिन नारायणपुर नगर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का पथ संचलन कार्यक्रम आयोजित हुआ l
इस पथ- संचलन आयोजन का नारायणपुर नगरवासियों ने अभिनंदन किया, अनेक स्थानों पर माता और बहनों अति हर्ष उल्लास के साथ पुष्प की वर्षा की। शस्त्रपूजन के पश्चात अपने उद्बोधन में सतीश जी ने संघ के 100 वर्षों के विकासयात्रा पर प्रकाश डाला डालते हुए कहा ।
” कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हिंदुओं में कोई संगठन नहीं है अपितु यह हिंदुओं का संगठन है।”
अपने प्रारंभिक दिनों में जो संघ, समाज में उपेक्षा-उपहास का शिकार था, वहीं संघ आज 100 वर्ष पूर्ण होने पर पूरे विश्व में एक सम्मान की दृष्टि से देखा जा रहा है और समाज में ऐसे बड़ी संख्या में स्वीकृत किया जा रहा है।
इस पथ संचलन में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने बढ़ चढ़ भाग लिया l यह पथ- संचलन जगदीश मंदिर से प्रारंभ होकर कुम्हारपारा, सोनपुर रोड, गायत्री मंदिर से होते हुए पुराना बस स्टैंड नारायणपुर में समाप्त हुआ।
नगर के प्रतिष्ठित व्यवसायी और योग प्रचारक श्री सुबोध बैनर्जी जी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रुप में तथा श्री सतीश गोकुल पण्डा जी प्रांत जनजातीय कार्य प्रमुख छत्तीसगढ़ प्रांत उपस्थित रहे ।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आद्य सरसंघचालक श्री केशव बलिराम हेडगेवार जी ने इसे कुछ बाल स्वयंसेवकों के साथ शाखा पद्धति के रूप में प्रारंभ किया था। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का 100 सौ साल पूरा करना अपने आप में एक बहुत बड़ी उपलब्धि है इसलिए इसकी 100 वीं वर्षगांठ अत्यंत हर्ष उल्लास के साथ मनाया गया।
अंत में स्वयंसेवकों द्वारा शस्त्रपूजन किया गया। संघ प्रार्थना – नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमे…. के बाद कार्यक्रम समापन हुआ। अल्पाहार ग्रहण कर सभी अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान किये।