
1 करोड़ 80 लाख ईनामी दो सेंट्रल कमेटी मेंबर हुए ढेर जिनके इशारों पर चाहते थे सभी राज्य मुड़भेट के बाद AK – 47 , इंसास ऑटोमैटिक रायफल समेत दर्जनों हत्यार बरामद किया गया।
माओवादी और सुरक्षा जवानों के बीच हुई मुठभेड़ में सुरक्षा जवानों को मिली बड़ी सफलता छत्तीसगढ़ के महाराष्ट्र सीमावर्ती अबूझमाड़ के घने जंगलों में सुरक्षा बलों को फिर बड़ी कामयाबी मिली है । 22 सितंबर को दिन भर लगातार चली मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने सीपीआई (माओवादी) के दो खूंखार केंद्रीय कमेटी कमांडरों को मार गिराया नक्सलों की पहचान केंद्रीय समिति के सदस्य राजू दादा उर्फ कट्टा रामचंद्र रेड्डी और कोसा दादा उर्फ कादरी सत्यनारायण रेड्डी के रूप में हुई है
दोनों पर ही छत्तीसगढ़ सरकार ने 40-40 लाख का इनाम घोषित किया था तेलंगाना ने 25- 25 लाख और महाराष्ट्र सरकार ने भी 25 – 25 लाख ईनाम की घोषणा की थी ।कुल मिलकर दोनों नक्सलियों पर 1 करोड़ 80 लाख रुपए ईनाम घोषित किया गया था।
मुदभेड़ के दौरान जवानों ने एक-47 राइफल, एक इंसास राइफल एक, विजिल लॉजर , भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्रियां और माओवादी साहित्य बरामद किए हैं।
छत्तीसगढ़ में नक्सली मुक्त अभियान के लिए यह एक बहुत बड़ी सफलता है छत्तीसगढ़ में अब तक प्रदेश में 6 केंद्रीय समिति के सदस्यों का खत्मा हो चुका है। 2024 और 2025 में अब तक लगभग 450 नक्सली ढेर हो चुके हैं।
इस मुठभेड़ में मरे गए दोनों नक्सली तीन दशकों से सक्रिय, दर्जनों हिंसक वारदातों में शामिल थे नक्सली कैडर राजू और कोसा पिछले 30 वर्षों से दंडकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति में सक्रिय थे। दोनों की संलिप्तता कई बड़े नक्सली हमलों, सुरक्षाबलों की हत्याओं और आम नागरिकों को निशाना बनाने की घटनाओं में रही है। उनकी मौत से माओवादी संगठन को रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक दोनों स्तरों पर बड़ा झटका लगा है।
नारायणपुर एसपी रॉबिन्सन ने जानकारी दी कि विश्वसनीय इनपुट के आधार पर अबूझमाड़ क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया गया था, जिसके दौरान यह मुठभेड़ हुई। वहीं, बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी. ने इसे सरकार और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप एक निर्णायक सफलता बताया।
इन दिनों जिस गति से नक्सलियों को धर दबोचा जा रहा है उनके साज़िश नाकामयाब होते जा रहे हैं यह कहना गलत नहीं होगा कि अब बहुत जल्द मार्च 2026 से पहले ही नक्सली मुक्त अभियान सफल हो जाएगा।
उन्होंने माओवादी कैडरों से हिंसा छोड़ने और आत्मसमर्पण कर पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील भी की। यह कार्रवाई अबूझमाड़ में चलाए जा रहे व्यापक ऑपरेशन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में शांति बहाल करना और माओवादी नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है।