Chhattisgarh: एनएचएम कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो बर्खास्त: स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल

एनएचएम कर्मचारी काम पर नहीं लौटे तो बर्खास्त

 

 

छत्तीसगढ़ में नियमितीकरण समेत अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों के खिलाफ सरकार ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है।

 

स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने स्पष्ट कहा है कि संविदाकर्मी यदि काम पर नहीं लौटे तो “नो वर्क, नो पे” लागू होगा और उनकी सेवाएं समाप्त भी की जा सकती हैं। मंत्री ने कहा कि यह एक-दो दिन की बात नहीं है, बल्कि कर्मचारी कई दिनों से लगातार कार्य से अनुपस्थित हैं।

इसी आधार पर विभाग ने नो-वर्क, नो-पेमेंट का नोटिस जारी किया है और अब कर्मचारियों को बर्खास्तगी की चेतावनी भी दी गई है। लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएमएचओ) को आदेश जारी कर हड़ताली कर्मचारियों की सूची तत्काल राज्य कार्यालय भेजने के निर्देश दिए हैं।

 

29 अगस्त को जारी आदेश में कहा गया है कि 18 अगस्त से अब तक बड़ी संख्या में एनएचएम अधिकारी-कर्मचारी कार्यालयों में उपस्थित नहीं हो रहे हैं। विभाग ने इसे लोकहित के विरुद्ध और अनुचित बताते हुए अनुपस्थित कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख करने को कहा गया है कि कार्य से अनुपस्थित रहने की स्थिति में उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए सेवा से पृथक किया जा सकता है। साथ ही अनुपस्थिति की अवधि के लिए वेतन भुगतान भी नहीं किया जाएगा।

 

कर्मचारियों में आक्रोश

 

सरकार के इस फैसले से हड़ताली कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया है। एनएचएम संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमित मिरी ने कहा कि सरकार का आदेश पूरी तरह दमनकारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कर्मचारी 18 अगस्त से हड़ताल पर हैं तो पूरे महीने का वेतन काटने का आदेश क्यों जारी किया गया है। उन्होंने साफ कहा कि कर्मचारी इस आदेश से डरने वाले नहीं हैं।

 

स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित

 

प्रदेशभर में लगभग 16 हजार एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर हैं। दो सप्ताह से अधिक समय से अस्पतालों और स्वास्थ्य केन्द्रों में व्यवस्थाएं चरमराई हुई हैं। मरीजों को इलाज के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और आपातकालीन सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है। स्वास्थ्य व्यवस्था लगातार प्रभावित होने से लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।

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